इंदौर कलेक्टर शिवम की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक वाहनों के सुरक्षित संचालन और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। इसमें जिले के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, कॉलेज संचालक, निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर शिवम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रोशन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप और जिला शिक्षा अधिकारी शांता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक वाहनों की नियमित जांच अनिवार्य रूप से की जाए। प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है और समय-समय पर सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। बसों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा, साथ ही ड्राइवर के केबिन में बच्चों को बैठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जाएगा। स्कूल संचालकों को ड्राइवरों की आवश्यक जानकारी संकुल स्तर पर जमा करनी होगी।
स्कूलों की रसोई और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने सुरक्षा के लिए पीएनजी कनेक्शन के उपयोग का सुझाव दिया और भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके।
अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए कि स्कूल यूनिफॉर्म और किताबों की बिक्री में किसी प्रकार का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। ये सामग्री बाजार में आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि अभिभावकों को किसी विशेष स्थान से खरीदने के लिए बाध्य न होना पड़े।
उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए विशेष समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। ये समितियां परिसरों में निगरानी रखेंगी और नशे से संबंधित गतिविधियों पर कार्रवाई करेंगी।
प्रशासन ने स्कूल बसों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। बसों का रंग पीला होना और उन पर "स्कूल बस" लिखा होना अनिवार्य है। अनुबंधित बसों पर "ऑन स्कूल ड्यूटी" का बोर्ड लगाया जाएगा। बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स, ग्रिल, जीपीएस और चालू स्थिति में सीसीटीवी कैमरे होना आवश्यक है। खिड़कियों पर पर्दे या काली फिल्म प्रतिबंधित रहेगी। बस चालकों के पास कम से कम पांच वर्ष का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए। छात्राओं के परिवहन के समय महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। साथ ही, वर्षा ऋतु में जलभराव वाले क्षेत्रों से वाहन निकालने पर रोक और चालकों की समय-समय पर काउंसलिंग के निर्देश भी दिए गए हैं।

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