इंसान जब बुढ़ापे में अकेला हो जाता है, तो जीवन जीना कठिन हो जाता है, लेकिन कई बार अंतिम विदाई भी ठीक से नहीं मिल पाती। इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया। एक मजदूर की घर में मौत हो गई और दो दिन तक उसका शव कमरे में ही पड़ा रहा। जब बच्चे आंगन में गिरी गेंद लेने पहुंचे, तब बुजुर्ग की मौत का पता चला। बुजुर्ग के चेहरे और आंखों को चूहे कुतर चुके थे।
मृतक का नाम छगन है। वह मजदूरी करते थे और शराब पीने के आदी थे। शव को देखकर बच्चों ने शोर मचाया, तो मोहल्ले के लोग एकत्र हुए और पुलिस को सूचना दी। शव के आसपास चूहे मंडरा रहे थे। पुलिस ने गेट खुलवाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया और छगन के परिजनों को सूचना दी, लेकिन बेटा और बहू नहीं पहुंचे। इसके बाद भांजा मौके पर आया और पुलिस को पूरी जानकारी दी।
छगन की पत्नी की कुछ वर्षों पहले मौत हो चुकी है। उनके तीन बेटे हैं और शादी के बाद तीनों अलग-अलग रहते हैं। भांजे ने बड़े बेटे और बहू को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया। रात में एक बेटा शराब के नशे में पहुंचा और लोगों से विवाद करने लगा।
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। भांजे ने बताया कि मामा छगन दो दिन पहले उससे मिलने घर आए थे, उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।

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