राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद के बाद शुक्रवार को एक राजनीतिक दल द्वारा शहर के सभी 85 वार्डों में सामूहिक वंदे मातरम गान और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस दौरान विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया गया।
इस अभियान की शुरुआत इंदौर के वार्ड 64 से हुई, जहां नौलखा चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए स्थानीय पार्षद मनीष मामा ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते या राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करते, उन्हें देशभक्ति पर विचार करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े पदाधिकारी राजेश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रगीत के सम्मान के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
दरअसल, नगर निगम की परिषद बैठक के दौरान विपक्षी दल की दो महिला पार्षद फौजिया (नाम आंशिक) और रुबीना द्वारा वंदे मातरम नहीं गाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद शहरभर में इस मुद्दे पर विरोध देखा जा रहा है।
शहर के अलग-अलग वार्डों में कई जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गान किया गया। विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित हुए।
नगर अध्यक्ष सुमित ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि संबंधित दल राष्ट्रगीत का समर्थन करता है, तो ऐसे बयान देने वाले जनप्रतिनिधियों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश की भावनाओं और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा गीत है, जिसे गाते हुए कई क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।

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