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इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में करीब 129 करोड़ 55 लाख रुपए की बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। यह मामला कंपनी के फ्लीट कार्ड और लॉयल्टी ऐप से जुड़ा है। पुलिस ने शहर के 7 व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पेमेंट गेटवे और लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाया। उन्होंने अपने वॉलेट में रिचार्ज दिखाया, जबकि कंपनी के खाते में कोई पैसा जमा नहीं हुआ। इसके बाद वे लगातार पेट्रोल-डीजल भरवाते रहे।

फ्लीट कार्ड का इस्तेमाल ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए किया जाता है, जिससे ड्राइवर बिना नकद पैसे के ईंधन भरवा सकते हैं। कंपनी ने दिसंबर 2021 में लॉयल्टी ऐप के जरिए पेमेंट गेटवे सुविधा शुरू की थी, जिसमें ग्राहक नेट बैंकिंग, यूपीआई और कार्ड के माध्यम से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं।

मार्च 2023 में पेमेंट सिस्टम की जांच के दौरान संदिग्ध ट्रांजैक्शन का पता चला। जांच में पाया गया कि 1000 से ज्यादा ग्राहकों के वॉलेट में करोड़ों रुपए का रिचार्ज दिख रहा था, जबकि वास्तविक राशि कंपनी के खाते में नहीं पहुंची थी। इसके बाद कंपनी ने संबंधित खातों को ब्लॉक कर दिया और आंशिक रकम रिकवर की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को इस गड़बड़ी की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इसका फायदा उठाया। बाद में कंपनी द्वारा रकम लौटाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने पैसे वापस नहीं किए।

इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के नामों से सरनेम हटा दिए गए हैं। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं।

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