ईरान से करीब छह लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आ रहा एक जहाज भारत पहुंचने से पहले ही अचानक चीन की ओर मुड़ गया। यह जहाज गुरुवार रात तक अरब सागर में भारत के वाडिनार बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, लेकिन बाद में उसने अपना रास्ता बदल लिया।

तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अनुसार, “पिंग शुन” नाम का यह जहाज पिछले कुछ दिनों से भारत की ओर आ रहा था, लेकिन मंजिल के करीब पहुंचकर चीन की दिशा में मुड़ गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बदलाव की वजह पेमेंट शर्तों में आया परिवर्तन है। बताया जा रहा है कि विक्रेताओं ने अब 30 से 60 दिनों की क्रेडिट सुविधा देने के बजाय अग्रिम भुगतान की मांग शुरू कर दी है, यानी एडवांस पेमेंट के बाद ही तेल की आपूर्ति की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह सफर के बीच में जहाज की मंजिल बदलना नया नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि तेल व्यापार में वित्तीय शर्तें और जोखिम कितने अहम होते जा रहे हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्गो किस भारतीय रिफाइनरी के लिए था, क्योंकि वाडिनार बंदरगाह के जरिए कई कंपनियां कच्चा तेल मंगाती हैं।

विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि पेमेंट से जुड़ी समस्याएं सुलझ जाती हैं, तो जहाज को फिर से भारत की ओर भेजा जा सकता है। यह घटना बताती है कि कच्चे तेल के वैश्विक व्यापार में लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ व्यावसायिक शर्तें भी बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही हैं।

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