हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद पूरी घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ समेत अधिकांश गांवों और पहाड़ियों का नज़ारा बेहद खूबसूरत हो गया है, जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।

मंगलवार सुबह जब सूरज की पहली किरणें बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ीं, तो दृश्य किसी सपने जैसा लग रहा था। देवदार के पेड़ों पर जमी बर्फ और पहाड़ियों की सफेदी ने पूरे इलाके को और भी आकर्षक बना दिया है। यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति इस नज़ारे को देखने के लिए रुकने पर मजबूर हो रहा है।

जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे छितकुल, सांगला, कल्पा, नाको, रक्छम और आसरंग बर्फ से लबालब नजर रहे हैं। इन जगहों पर पहुंचे पर्यटक इस मौसम का जमकर आनंद ले रहे हैं।

यह बर्फबारी सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि और बागवानी के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जा रही है। लंबे समय से सूखे की स्थिति झेल रहे क्षेत्र में इस बर्फबारी से मिट्टी में नमी बढ़ी है। सेब बागवानों के अनुसार, इससे “चिलिंग आवर” बढ़ेंगे, जो अच्छी फसल के लिए जरूरी होते हैं।

मौसम की बात करें तो कई इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि अधिकतम तापमान भी शून्य से नीचे दर्ज किया गया।

बर्फबारी का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा—छितकुल और आसरंग में करीब 1 फुट बर्फ गिरी, जबकि कल्पा, सांगला और रक्छम में 4 से 5 इंच तथा अन्य गांवों में लगभग 3 इंच तक बर्फ दर्ज की गई।

प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और ऊंचाई वाले इलाकों में विशेष सतर्कता रखें।

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