अफगानिस्तान ने गुरुवार देर रात पाकिस्तान पर हमला किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने दावा किया कि इस हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार तालिबानी लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी जेट मार गिराने का भी दावा किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 22 फरवरी को अफगानिस्तान में हुई पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में की गई।
अफगान पक्ष का कहना है कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उसके पास हैं। साथ ही एक पाकिस्तानी सैन्य मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जे का दावा भी किया गया है।
दूसरी ओर, पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जवाबी कार्रवाई में सरकार ने ऑपरेशन “गजब लिल हक” शुरू किया है। पाकिस्तान वायुसेना ने काबुल और नंगरहार समेत कई इलाकों में एयरस्ट्राइक की।
पाकिस्तान का दावा है कि अब तक 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं। 27 चौकियां नष्ट करने और 9 पर कब्जा करने का भी दावा किया गया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आ. ने कहा कि “हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है, अब दोनों देशों के बीच खुला संघर्ष शुरू हो गया है।”
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास शुक्रवार सुबह गोलीबारी और शेलिंग की खबरें सामने आईं। सीमा क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, तोरखम सीमा चौकी के पास सुबह शेलिंग की आवाजें सुनी गईं। कुछ रिपोर्ट्स में अफगान सैनिकों की सीमा की ओर बढ़त का भी जिक्र है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
तोरखम बॉर्डर दोनों देशों के बीच व्यापार और आवागमन के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह की झड़प का असर स्थानीय लोगों और सीमा पार आवाजाही पर पड़ सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच रूस ने दोनों देशों से तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमले बंद किए जाएं और मतभेद कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाए जाएं।
रूस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दोनों देश चाहें तो वह मध्यस्थता पर विचार कर सकता है। मॉस्को ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और हालात को और बिगड़ने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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