गाजियाबाद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर रात तीनों बच्चियां अपने कमरे में थीं और बाद में उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

तीनों बहनों की उम्र लगभग 12, 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि वे लंबे समय से एक ऑनलाइन टास्क-आधारित विदेशी गेम से जुड़ी हुई थीं। इस गेम के कारण उनका व्यवहार बदल गया था और वे बीते करीब दो वर्षों से स्कूल भी नहीं जा रही थीं।

पुलिस को कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें कई पन्नों में भावनात्मक संदेश लिखे होने की बात कही जा रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बच्चियां मानसिक दबाव में थीं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

परिजनों के अनुसार, बच्चियां आपस में बहुत जुड़ी हुई थीं और अधिकांश समय एक साथ ही रहती थीं। पिता ने बताया कि वे ऑनलाइन काम करते हैं और बेटियों को गेम खेलने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान घर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर में ही मौजूद थे। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और बच्चों के मोबाइल फोन, डायरी और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी बाहरी दबाव या अपराध की पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम और चैट प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों पर धीरे-धीरे मानसिक दबाव बनाया जाता है। शुरुआत में दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव होता है, लेकिन बाद में बच्चों का व्यवहार पूरी तरह बदल सकता है।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी तरह के असामान्य व्यवहार को नजरअंदाज न करें।

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