वाशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में मध्य पूर्व में तैनात एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान को वापस बुला लिया गया है। यह विमान पहले जॉर्डन में तैनात था, जहां इसने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था। इसके बाद स्ट्राइक ईगल स्क्वाड्रन को दोबारा क्षेत्र में सक्रिय किया गया है।

संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच ईरान ने अपनी हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर लिया है। ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को दुनिया के सबसे सघन और उन्नत रक्षा नेटवर्क में बदल दिया है।

जून 2025 में करीब 12 दिन तक चले संघर्ष के दौरान सामने आई कमजोरियों के बाद तेहरान ने रूस से मिले तकनीकी सहयोग और अपनी स्वदेशी क्षमताओं के दम पर एक नया मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच तैयार किया है। इस सुरक्षा व्यवस्था में विदेशी और घरेलू दोनों तरह के वायु रक्षा तंत्र शामिल हैं। ईरान ने कुल पांच स्तरों में डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं, जिससे उसकी हवाई सीमा लगभग अभेद्य मानी जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नई सुरक्षा दीवार की सबसे मजबूत कड़ी रूस से प्राप्त उन्नत एयर डिफेंस प्रणाली है। पिछले संघर्ष के दौरान जब पुराने सिस्टम को स्टील्थ विमानों और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के खिलाफ संघर्ष करते देखा गया था, उसके बाद 2025 के अंत तक नई प्रणाली की आपूर्ति पूरी की गई। यह सिस्टम करीब 400 किलोमीटर की दूरी से स्टील्थ फाइटर जेट्स और बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक कर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम बताया जा रहा है।

ईरान ने केवल विदेशी हथियारों पर निर्भर रहने के बजाय अपने स्वदेशी वायु रक्षा तंत्र को भी उन्नत किया है। अपग्रेड किया गया घरेलू सिस्टम नई लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस है और देश के रडार नेटवर्क की रीढ़ माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्वतंत्र रडार सिस्टम है, जिसे पूरी तरह जाम करना दुश्मन के लिए बेहद कठिन माना जा रहा है। यह तंत्र भी हवाई सीमा में प्रवेश से पहले ही लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम बताया जा रहा है।

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