नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित डिनर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में यूरोपीय परिषद के प्रमुख और यूरोपीय आयोग की प्रमुख की मेजबानी की गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में भारत और यूरोप की सोच और नजरिया काफी हद तक एक जैसा है। उन्होंने कहा कि हमारी साझा मान्यता है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों के जरिए ही संभव है।

यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने डिनर के दौरान कहा कि भारत आज वैश्विक राजनीति में अग्रणी स्थान पर पहुंच चुका है और यह ऐसा विकास है जिसका यूरोप स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत और यूरोप अपने संसाधनों और ताकत को एकजुट करें तो बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने इसे भारत‑यूरोप मुक्त व्यापार समझौते और व्यापक साझेदारी की दिशा में एक अहम मोड़ बताया। उनके अनुसार, ऐसे समय में जब दुनिया में मतभेद और तनाव बढ़ रहे हैं, भारत और यूरोप संवाद, सहयोग और तालमेल का रास्ता चुनकर वैश्विक स्तर पर स्थिरता और भरोसे का संदेश दे रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस औपचारिक डिनर में यूरोपीय परिषद के शीर्ष प्रतिनिधि ने भी कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारत‑यूरोप की रणनीतिक साझेदारी आर्थिक और भू‑राजनीतिक, दोनों स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता, रक्षा सहयोग और 2030 के लिए साझा रणनीतिक एजेंडा जैसे कदम वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त नेतृत्व का उदाहरण पेश करते हैं।

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