भिक्षुक मुक्त अभियान में चौंकाने वाला खुलासा
सराफा बाजार में रेंगने वाला मांगीलाल करोड़ों का मालिक निकला। 3 मकान, स्विफ्ट डिजायर कार, 3 ऑटो रिक्शा। प्रतिदिन 500-1000 रुपये कमाई।
दिव्यांगता का नाटक
हाथ जूतों में डालकर, पीठ पर बैग लटकाकर रेंगता। राहगीर सहानुभूति से पैसे देते। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ लिया।
सूदखोरी का पेशेवर कारोबार
भीख की कमाई को सराफा व्यापारियों को ऊंचे ब्याज पर उधार। हफ्ते में ब्याज वसूली। अधिकारियों ने बैंक खाते खंगाले।
प्रशासनिक कार्रवाई
नोडल अधिकारी दिनेश व जिला अधिकारी रजनीश जांच कर रहे। धोखाधड़ी व सूदखोरी पर कलेक्टर के समक्ष पेश। 6,500 भिक्षुक पहचान, 4,500 मुख्यधारा में।

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