छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सामने आए चर्चित मिठाई कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि लावारिस थैले में रखी मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक (चूहा मार दवा) मिला हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार आर्सेनिक की मात्रा सामान्य स्तर से करीब ढाई सौ गुना अधिक पाई गई, जिससे मिठाई पूरी तरह जहरीली बन चुकी थी।

बताया जा रहा है कि 8 जनवरी को इसी मिठाई का सेवन करने के बाद एक सप्ताह के भीतर तीन लोगों की मौत हो गई थी। खाद्य विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि यह मामला न तो सामान्य मिलावट का था और न ही खराब मिठाई का, बल्कि मिठाई को जानबूझकर जहरीला बनाया गया था।

खाद्य विभाग की रिपोर्ट में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि मिठाई न तो सड़ी-गली थी और न ही उसमें किसी प्रकार की सामान्य खाद्य मिलावट पाई गई। जांच में यह सामने आया है कि मिठाई में जानबूझकर तेज असर वाली चूहा मार दवा मिलाई गई थी, जिससे उसकी प्रकृति पूरी तरह घातक हो गई।

फूड इंस्पेक्टर गोपेश ने बताया कि मिठाई में पाई गई चूहा मार दवा में आर्सेनिक की मात्रा अत्यधिक थी। यह मात्रा इतनी अधिक है कि इसे सामान्य लापरवाही नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा से जोड़ा जा रहा है।

पुलिस अब पोस्टमॉर्टम के बाद सुरक्षित किए गए बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो जबलपुर स्थित फॉरेंसिक लैब से प्राप्त होनी है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का प्रत्यक्ष कारण आर्सेनिक ही था या नहीं। इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक पाए जाने की पुष्टि हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि मिठाई में जानबूझकर जहर मिलाया गया था। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।

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