पूरे बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भीषण ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और बोरसी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन गया जिले में ऐसा ही एक प्रयास एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गया।

गया जिले के वजीरगंज प्रखंड के एक महादलित टोला क्षेत्र में बोरसी जलाकर सोए एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में एक बुजुर्ग महिला, उसकी छह वर्षीय नातिन और पांच वर्षीय नाती शामिल हैं।

यह हादसा उस वक्त हुआ, जब रात में परिवार के चार सदस्य एक बंद कमरे में सो रहे थे। ठंड से बचाव के लिए कमरे में बोरसी जलाई गई थी। कमरा पूरी तरह बंद होने के कारण उसमें जहरीली गैस भर गई और ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की जान चली गई।

बुधवार सुबह घटना का पता तब चला, जब कमरे में सो रही परिवार की एक महिला सदस्य ने अपनी मां और बच्चों को जगाने की कोशिश की। तीनों बेहोशी की हालत में मिले। तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद बुजुर्ग महिला समेत तीनों को मृत घोषित कर दिया गया।

बताया गया है कि महिला पिछले करीब दो महीनों से अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। परिवार के अन्य सदस्य रोज़गार के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

गौरतलब है कि करीब 15 दिन पहले इसी प्रखंड के एक अन्य गांव में भी बोरसी से गैस भरने के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं ठंड के मौसम में अलाव और बोरसी के सुरक्षित उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

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