मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज हरप्रीत सिंह ने टीम को अलविदा कह दिया है। हरप्रीत ने बीसीसीआई के प्रमुख घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी के बीच में ही टीम से हटने का फैसला लिया और घर लौट गए।
एमपीसीए से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हरप्रीत अब किसी अन्य देश की टीम के लिए टी-20 विश्व कप में खेल सकते हैं। यह विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच भारत और श्रीलंका में आयोजित होना प्रस्तावित है।
अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अनदेखी बनी वजह
एमपीसीए सूत्रों का कहना है कि लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद आईपीएल और राष्ट्रीय टीम में मौका न मिलने से बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज को निराशा हुई। हरप्रीत ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की है कि उन्होंने मध्य प्रदेश टीम से इस्तीफा दे दिया है और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी प्राप्त कर लिया है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आगे वे किस टीम के लिए खेलेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, किसी विदेशी टीम की ओर से उन्हें प्रस्ताव मिला है और यदि सभी औपचारिकताएं पूरी होती हैं, तो वे आगामी टी-20 विश्व कप में खेलते नजर आ सकते हैं।
हरप्रीत ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उन्होंने झारखंड के खिलाफ नाबाद 77 रन, गोवा के खिलाफ नाबाद 80 रन और चंडीगढ़ के खिलाफ 48 रनों की पारी खेली थी। इसके बावजूद आईपीएल की नीलामी में उनका नाम नहीं आ सका। इससे पहले वे आईपीएल में कई फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
नेतृत्व का लंबा अनुभव
हरप्रीत चार वर्षों तक छत्तीसगढ़ टीम की कप्तानी कर चुके हैं और मध्य प्रदेश के लिए भी लंबे समय तक वनडे टीम का नेतृत्व किया। मौजूदा सत्र में नियमित कप्तान की गैरमौजूदगी में उन्होंने टीम की जिम्मेदारी संभाली थी।
साल 2009 में उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम का उपकप्तान बनाया गया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 52 से अधिक के औसत से 262 रन बनाए थे। बाद में वे न्यूजीलैंड में आयोजित अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे।
2016 में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद वे वहां चले गए थे और लंबे समय तक टीम की कमान संभाली। बाद में उन्होंने फिर से मध्य प्रदेश टीम में वापसी की।

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