इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 35 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। सभी मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस मामले में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है, हालांकि उन्हें पहले से ही दूषित पानी के सेवन के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मंगलवार को एक निजी अस्पताल में पांच नए मरीज भर्ती हुए, जबकि दो मरीजों को छुट्टी दी गई है। फिलहाल यहां करीब 20 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा कई अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में इलाके के करीब 150 लोगों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रशासन ने संज्ञान लिया है। देर रात एक वरिष्ठ मंत्री अस्पताल पहुंचे और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा और जिन मरीजों ने पहले इलाज के लिए राशि जमा कराई है, उन्हें वापस किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इलाके में चल रही खुदाई या पानी की टंकी में गंदगी के कारण जल आपूर्ति दूषित हुई है। क्षेत्र में नर्मदा जल की सप्लाई होती है, जिसकी गुणवत्ता की भी जांच कराई जा रही है।
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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