मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते आठ बसें और तीन कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई। इस हादसे में एक स्थानीय नेता समेत 13 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 70 लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बसों से कटे हुए अंग भी मिले हैं। पुलिस ने इन अवशेषों को 17 पॉलिथीन बैग में भरकर सुरक्षित रखा है। अब डीएनए टेस्ट के जरिए पहचान की जाएगी।

यह हादसा बलदेव थाना क्षेत्र में एक निर्धारित माइलस्टोन के पास हुआ। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के करीब 50 जवानों तथा कई थानों की पुलिस ने लगभग छह घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी जांच का नेतृत्व करेंगे।

टक्कर के बाद एक राहगीर ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे जोरदार धमाका हुआ हो। लोग बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूदने लगे। कुछ ही देर में बसें जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों ने एक बस से 8–9 शव निकाले। आरोप है कि रेस्क्यू ऑपरेशन करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुआ।

घायलों को 11 एम्बुलेंस की मदद से मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन के संयुक्त जिला अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को आगरा के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बसों से शवों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

एक्सप्रेस-वे पर उस समय घना कोहरा छाया हुआ था। एक माइलस्टोन के पास अचानक स्लीपर बस के सामने धुंध और गहरी हो गई। इसके चलते ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर गति धीमी की। इसी दौरान पीछे से आ रही छह बसें और चार कारें आकर टकरा गईं। टक्कर के बाद एक एसी बस में आग लग गई। हालात इतने अचानक थे कि यात्रियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल पाया।

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