मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मुखबिर की सूचना पर पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंदौर से गुजरात ले जाए जा रहे अवैध शराब के जखीरे को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है। बताया गया कि बैतूल–अहमदाबाद फोरलेन पर फूलमाल फाटे के पास इंदौर से गुजरात जा रहे एक ट्राले में अवैध शराब की 780 पेटियां भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थीं। जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। एसपी के अनुसार यह साल की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस ने पिछले तीन महीनों में 160 से अधिक अवैध शराब के प्रकरण दर्ज किए हैं। मौके से ट्राला चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल S ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन प्रहार' की लगातार मिल रही सफलता को दर्शाती है और अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार ट्रॉला एमपी-09-एचजी-3449 इंदौर की ओर से गुजरात जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकाबंदी कर कोतवाली क्षेत्र के फूलमाल चौराहे पर चेकिंग के दौरान वाहन को रोका।
पुलिस की सतर्कता से ट्रक की तलाशी ली गई, जिसमें अवैध शराब की पेटियां बरामद हुईं। जब्त की गई शराब की मात्रा 7470 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 2 लाख 5 हजार है। शराब के साथ वाहन और अन्य सामग्री मिलाकर कुल जब्त माल का मूल्य लगभग ₹1 करोड़ 63 लाख 35 हजार आंका गया है। तस्कर शराब को पशु आहार के नीचे छिपाकर सीमा पार कराने की कोशिश कर रहे थे। चालक को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
एक प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम की सराहना की और उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। मंगलवार रात साल की सबसे बड़ी अवैध शराब खेप पकड़ी गई। गुजरात जा रहे भूसे से भरे ट्रॉले की तलाशी में लगभग 100 बोरी भूसा हटाने के बाद शराब की पेटियां मिलीं। ट्राले में करीब 780 पेटी शराब भरी हुई थी, जिसमें लगभग 130 पेटी प्रीमियम व्हिस्की, 150 पेटी बीयर और 500 पेटी व्हिस्की शामिल थीं। पुलिस अवैध शराब परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

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