लव जिहाद के लिए फंडिंग करने वाले कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ढाई माह के बाद जिला कोर्ट में पेश हुआ। कोर्ट ने आठ दिन के रिमांड पर उसे पुलिस थाने को सौंप दिया है। कोर्ट से बाणगंगा पुलिस उसे ले गई। अब उससे फंडिंग के मामले में पूछताछ की जाएगी और पूर्व में गिरफ्तार हुए दो आरोपियों से उसका सामना भी कराया जा सकता है।
कादरी को फंडिंग के लिए पैसा कहा से आता था। इसके सबूत जुटाने के लिए उसके बैंकों की जानकारी भी पुलिस जुटाने की तैयारी कर रही है। आठ दिन के बाद उसे फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी के दौरान वह कहा-कहा रुका। उसकी मदद किसने की। इसका भी पता लगाया जाएगा। पनाह देने के मामले में उन लोगों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
कादरी फरारी के दौरान ही अग्रिम जमानत की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसकी दिल्ली में रहने वाली बेटी आयशा मदद कर रही थी। वह पेशे से वकील भी है। आयशा ने जमानत के लिए कादरी से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करावाए थे। पुलिस जब दिल्ली पहुंची तो कादरी भाग गया था, लेकिन पुलिस ने मदद करने के आरोप में बेटी को गिरफ्तार कर लिया था।
कादरी की जानकारी देने के लिए महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा मामा ने दो लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की थी। कादरी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी सख्त एक्शन लेने के निर्देश दे चुके थे, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। वह खुद कोर्ट में पेश हुआ।
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