किताबों की जगह मोबाइल ने ली..

जवाबदेही @ इंदौर

सोशल मीडिया के घातक परिणाम प्रतिदिन सामने आते जा रहे हैं, लेकिन इस पर रोक-टोक को लेकर सरकार के पास कोई योजना नहीं। वहीं, जहां इस पर रोक लगाई जा सकती है, खासकर घर में वहां किसी भी प्रकार को कोई मनाही नहीं की जाती। 

देखने में आ रहा है कि बच्चों को जिस उम्र में पढ़ाई करनी चाहिए, उस दौर में बच्चे मोबाइल में व्यस्त रह रहे हैं। वहीं, मोबाइल से  अगर कोई अच्छे संस्कार ले रहे हैं तो समझ में आता है, लेकिन जब इन नौनिहालों में गलत संस्कार घर करने लगे हैं तो समझा जा सकता है कि आने वाले समय में वो क्या बनेंगे।

एक छोटा सा उदाहरण जवाबदेही आपके सामने रख रहा है कि किस कदर बच्चों के मन में मोबाइल घर बना चुका है और वह यूट्यूब पर क्या-क्या देखते हैं। अगर आप बच्चों से स्कूल की किताब में किस पन्ने पर कौन-सा अध्याय है इस बारे में पूछोगे तो नहीं बताए पाएंगे, लेकिन उनसे यूट्यूब पर दिखाए जा रहे एपिसोड के बारे में पूछेंगे तो जवाब मिल जाएगा। कुछ ऐसा ही किस्सा एक बच्चे का सामने आया। 

शादी समारोह था और कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान दो बच्चे (जिनकी उम्र करीब 7 से 8 वर्ष रही होगी) आपस में चर्चा कर रहे थे, चर्चा हो रही थी उज्जैन के दुर्लभ कश्यप (गुंडे) की, जिसकी हत्या हो चुकी है। दोनों बच्चों में से एक बोल रहा था मैं दुर्लभ गैंग का आदमी हूं, दूसरा हंसने लगा और उसने भी किसी गुंडे का नाम बताया और कहा मैं उस गैंग का आदमी हूं...। दोनों एक-दूसरे को हंसी-मजाक में धौंस-दपट देकर खेल रहे थे। इन बच्चों को ये तो पता है कि दुर्लभ कश्यप कौन था...? वहीं, जब उनसे पूछा कि तुम कैसे जानते हो दुर्लभ कश्यप के बारे में तोे जिस लड़के ने दुर्लभ गैंग का खुद को होना बताया था, उसने कहा कि मेरे पापा मोबाइल पर यूट्यूब पर इसे देख रहे थे.....। साफ दिखाई दे रहा था कि बच्चों में घर से ही गलत आदत डाली जा रही है। 

चैलेंज में किया हमला

गत सप्ताह की बात है। इंदौर में एक 17 साल के नाबालिग ने 8वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी पर ब्लेड से हमला कर दिया। छात्र ने नाबालिग के इंस्टाग्राम पोस्ट पर मां और बहन को लेकर कमेंट किया था, इसी को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। दोनों पड़ोसी है। छात्र की गर्दन और कान के पीछे गंभीर चोट आई है। गर्दन पर 12 टांके आए हैं। ये घटना इंदौर के गोविंद नगर खारचा की है। यहां रहने वाले गोकुल चौहान ने शिकायत की है कि, उनका बेटा मनन रात को घर के बाहर खड़ा था। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले नाबालिग लड़के ने उसे बुलाया और पूछा कि वह क्या कमेंट कर रहा था। इसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई। नाबालिग ने मनन पर ब्लेड से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की गर्दन, नाक में करीब एक दर्जन से अधिक टांके लगे हैं। मनन और आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड्स हैं। दो दिन से उनके बीच में कहासुनी चल रही थी। मनन ने आरोपी के इंस्टाग्राम पर डाले गए वीडियो पर कमेंट किया था। जिसे लेकर नाबालिग ने उसे देख लेने की धमकी दी थी।

मोबाइल की वजह से कई बार नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं भी हुई है...। बच्चों के लगातार मोबाइल से संपर्क में रहेन के कारण उनमें विकार पैदा होने लगे हैं। जब तक घर में बच्चों को लेकर मोबाइल पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। बच्चों को सुधारने की जिम्मेदारी परिवार की है, न की सरकार की..।

Post a Comment

Previous Post Next Post