हमारे देश में महंगाई बढ़ रही है और नेता अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ देने की बात करते हैं। आज कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3179 का हो गया है.... धीरे-धीरे घरेलू सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के भी भाव बढ़ेंगे....। इसका कारण युद्ध है। इस महंगाई से लड़ने के लिए सरकार के पास उपचार है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि सरकार का ‘डर’ कि यदि मुफ्त दी जाने वाली योजना बंद कर दी तो लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ जाएगा...। 

देशभर में मुफ्त की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके तहत करोड़ों रुपया लोगों के पास पहुंच रहा है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना के खाते में प्रतिमाह 1500 सौ रुपए डाले जा रहे हैं... जिसे बढ़ाकर 3 हजार रुपए करना का वादा किया है... वहीं, महाराष्ट्र में 2,000 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अनाज मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में मुफ्त में दिया जा रहा है। कई योजनाएं मुफ्त में बांटों चल रही हैं, जिससे लोगों के हाथ नकदी ही पहुंच रही है...। सरकार को मुफ्त देने वाली सारी योजनाएं पूरे देश में एक साथ बंद करनी चाहिए। 

मुफ्त योजनाओं की वजह से लोग काम नहीं कर रहे हैं। सरकारी अनाज जो मुफ्त में दिया जा रहा है, उसे खुले बाजारों में बेचा जा रहा है। इंदौर जिला खाद्य विभाग कई बार कार्रवाई कर चुका है और सरकारी अनाज की कालाबाजारी करने वाले भी पकड़े जा रहे हैं। सरकार जो मुफ्त में पैसा लोगों के खातों में डाल रही है, उससे लोग ऑनलाइन जुआ भी खेल रहे हैं। नेता दावा करते हैं कि लाड़ली बहनाओं को जो पैसा दिया जा रहा है, उससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है...। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की स्थिति समझी जा सकती है कि वहां रोजगार नहीं हैं तो उनकी आजीविका के लिए ये राशि मायने रखती है, लेकिन शहरों में रहने वाली ज्यादातर महिलाएं इस राशि का उपयोग ऑनलाइन शॉपिंग में कर रही हैं। दूसरा बच्चे मां की ममता का फायदा उठाकर पैसा ले रहे हैं। वहीं, जिन घरों में पुरुषों की ज्यादा चलती है, वो महिलाओं से पैसा लेकर शराब पी रहे हैं। कुलमिलाकर इन पैसों का दुरुपयोग ही हो रहा है। इस बीच एक खबर भी आई, जिसमें ये पता लगाने की बात कही कि जिन महिलाओं के खाते में राशि डाली उनकी जांच की जाएगी कि वो पैसा कहां खर्च कर रही हैं, क्योंकि आजकल ज्यादातर महिलाएं ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ही कर रही हैं, तो इससे साफ हो जाएगा कि मुफ्त में दिए जा रहे पैसों का उपयोग हो रहा है या दुरुपयोग। राज्य सरकारें कर्जा लेकर रुपया महिलाओं के खाते में डाल रही हैं। हर राज्य कर्ज में डूबा है। क्रूड ऑइल महंगा होता जा रहा है, जिसका असर हमारे देश पर पड़ रहा है और इसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है तो सरकार को मुफ्त वाली योजनाओं को तत्काल बंद करना चाहिए। सीधा-सीधा दिख रहा है कि यदि यह योजनाएं बंद हो जाती है तो सरकार को लाभ ही होगा, लेकिन देशहित से बढ़कर पार्टी हितों की चिंता की जा रही है, जो सरासर गलत है। सरकार कहती है कि युवाओं में स्कील डेवलप करनी चाहिए, लेकिन जब सरकार बेरोजगारों के खातों में भी राशि (बेरोजगारी भत्ता) डाल रही हैं तो फिर वे काम क्यों करेंगे। दूसरा शिक्षित युवाओं को काम नहीं मिल रहा है तो वो ऑनलाइन फ्रॉड कर रहे हैं...!  सरकार को सर्वे कराना चाहिए, खासकर देशभर के मजदूर चौक पर..., मजदूर पूरे दिन काम करना नहीं चाह रहे हैं...। दो-तीन घंटे में पूरे दिनभर की हाजिरी मांगते हैं...? इच्छानुसार काम नहीं मिला तो चौराहे पर ऑनलाइन गेम खेलते इन्हें देखा जा सकता है। आज देशभर की कई फैक्ट्रियों में कुशल कारीगर नहीं मिल रहे हैं...और इसका प्रमुख कारण मुफ्त की योजना ही है।

-जगजीतसिंह भाटिया

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