पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कथित विदेशी साजिश संबंधी दावे ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें सत्ता से हटाने के पीछे एक प्रमुख विदेशी शक्ति की भूमिका थी। एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक गोपनीय कूटनीतिक केबल लीक हुआ है, जिससे सत्ता परिवर्तन में बाहरी प्रभाव को लेकर सवाल उठे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच संस्था ने एक मूल दस्तावेज़ प्रकाशित किया है, जिसे “साइफर” कहा जाता है। इसी दस्तावेज़ को उनके दावे का आधार बताया जा रहा है कि देश में कथित रूप से विदेशी समर्थन से सत्ता परिवर्तन हुआ था। यह दस्तावेज एक कूटनीतिक केबल के रूप में दर्ज है, जिसमें अप्रैल 2022 से पहले वाशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत और एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के बीच हुई बातचीत का उल्लेख है।
इमरान खान का कहना रहा है कि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के कारण उन्हें हटाने की कोशिश की गई, जबकि संबंधित विदेशी सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन दावों का कोई ठोस सबूत नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों पर भी उनकी सरकार गिराने के लिए बाहरी ताकतों से मिलीभगत का आरोप लगाया था, जिसे उन पार्टियों ने पूरी तरह नकार दिया और कहा कि सत्ता परिवर्तन संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा था। बाद में पूर्व प्रधानमंत्री को एक अन्य मामले में दोषी ठहराकर जेल भेज दिया गया।
अब इस लीक दस्तावेज़ को उनके समर्थक उन दावों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं, जो पिछले कई वर्षों से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहे हैं। दस्तावेज़ में दिए गए कुछ कथित संकेतों को लेकर अलग-अलग व्याख्याएँ की जा रही हैं, जबकि आधिकारिक स्तर पर इन दावों को बार-बार खारिज किया गया है।

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