लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों और मंत्रियों से संक्षिप्त और सीधे जवाब देने की अपील दोहराई। उन्होंने साफ कहा कि प्रश्नकाल का समय सीमित होता है, इसलिए अनावश्यक लंबा भाषण देने से बचना चाहिए।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल एक पूरक प्रश्न का जवाब देते समय लंबा बोलने लगे, जिस पर स्पीकर ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा, “आप भाषण क्यों दे रहे हैं? जितना पूछा जाए उतना ही जवाब दें।उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि समय का बेहतर उपयोग करें और संक्षेप में जवाब दें।

स्पीकर ने सदस्यों से भी आग्रह किया कि वे छोटे और सटीक सवाल पूछें, ताकि सूची में शामिल सभी 20 पूरक प्रश्न समय पर पूरे हो सकें। इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “समय कम है, मंत्रीजी को लंबा जवाब देना है,” जिससे सदन में हंसी का माहौल भी बना।

इसी दिन लोकसभा ने विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन भी रद्द कर दिया। ये सांसद पहले बजट सत्र के दौरान सदन में अनुशासनहीनता के कारण निलंबित किए गए थे। निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री द्वारा रखा गया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

इससे पहले विपक्ष की ओर से एक वरिष्ठ सदस्य ने निलंबन खत्म करने की मांग की और सांसदों के व्यवहार पर खेद जताया। निलंबन की वजह 3 फरवरी को सदन में कागज फेंकना और अन्य असभ्य व्यवहार बताया गया था।

निलंबन के दौरान ये सांसद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी करते रहे। अब निलंबन रद्द होने को सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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