मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन Y. के साथ अलग-अलग मंत्रियों की बैठकों में शामिल होने के लिए राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। इसी दौरान एक दिलचस्प संयोग सामने आया, जिसने प्रशासनिक हलकों में चर्चा पैदा कर दी।
वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने सोशल मीडिया पर बताया कि दिल्ली में आयोजित बैठकों के दौरान इंदौर के लगातार रहे पांच कलेक्टर एक ही जगह मौजूद थे। उन्होंने इसे “सरप्राइजिंग” संयोग बताते हुए सभी अधिकारियों के नाम और उनके कार्यकाल का जिक्र किया। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा।
इस संयोग की खास बात यह रही कि जिन अधिकारियों ने अलग-अलग समय पर इंदौर में कलेक्टर के रूप में काम किया, वे अब राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं और उसी दिन अलग-अलग मंत्रालयों की बैठकों के लिए दिल्ली पहुंचे थे।
इन अधिकारियों में पी. नरहरि, निशांत B., लोकेश J., मनीष S. और टी. इलैयाराजा शामिल हैं। सभी अधिकारी अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन दिल्ली में एक साथ उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा।
किस कलेक्टर के कार्यकाल में क्या खास रहा
पी. नरहरि (अप्रैल 2015 – जून 2017)
उनके कार्यकाल में इंदौर जिले ने खुले में शौच से मुक्त अभियान में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। सहकारी संस्थाओं और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई और पात्र लोगों को उनके प्लॉटों का कब्जा दिलाया गया।
निशांत B. (जून 2017 – दिसंबर 2018)
इस अवधि में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई कदम उठाए गए। साथ ही राशन की कालाबाजारी पर सख्ती से कार्रवाई की गई।
लोकेश J. (जनवरी 2019 – मार्च 2020)
उनके कार्यकाल में माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया गया। कई अवैध निर्माण हटाए गए और शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई।
मनीष S. (मार्च 2020 – नवंबर 2022)
उन्होंने कोरोना काल के दौरान कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। उस समय इंदौर में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले थे। उनके कार्यकाल में होटल और मैरिज गार्डनों को कोविड सेंटर बनाया गया और नशे के कारोबार के खिलाफ भी कार्रवाई हुई।
टी. इलैयाराजा (नवंबर 2022 – जनवरी 2024)
इस दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए कई पहल की गईं। आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की फीस माफ कराने और छात्राओं को स्कूटी दिलाने जैसे प्रयास किए गए। साथ ही हुकमचंद मिल की जमीन से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की दिशा में भी काम हुआ।

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