NEET पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने इस मामले में उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी। उनका कहना था कि इस्तीफे से कम पर आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पत्र साझा करते हुए पद छोड़ने की जानकारी दी।


इस्तीफे के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रही एक राजनीतिक पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसे अपनी जीत बताया। पार्टी पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां भूख हड़ताल की थी।

इससे पहले शुक्रवार रात NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की बात भी कही गई।

अधिकारियों के अनुसार, NTA में व्यापक सुधारों की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी। इससे एक दिन पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों का भी तबादला किया था।

जानकारी के मुताबिक, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव के साथ तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे ताकि परीक्षाओं की सुरक्षा और मजबूत हो सके। इसके अलावा ऐसा परीक्षा तंत्र विकसित करने की योजना है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को समाप्त किया जा सके।

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NTA में चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स भी भर्ती किए जाएंगे।

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