बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह अपनी लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति बताई है। उनके अनुसार वह लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। हाल ही में डॉक्टरों ने उन्हें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी होने की पुष्टि की है, जिसके कारण कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शारीरिक और मानसिक स्थिति में राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं रह गया है।
पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर नाराजगी बढ़ गई। मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। वहीं, जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।
राष्ट्रपति 9 मई को इलाज के लिए लंदन गए थे और 18 मई को ढाका लौटे थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसी यात्रा के दौरान उन्होंने भारत में रह रही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। यह जानकारी सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे गंभीर मुद्दा बताया और राष्ट्रपति पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा दिया। बताया गया कि उन्हें संदेश दिया गया था कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में शेख हसीना से संपर्क उचित नहीं माना जा रहा है।
राष्ट्रपति का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले शेख हसीना ने भारत में अपना निर्वासन समाप्त कर बांग्लादेश लौटने और अपने खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का सामना करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद राष्ट्रपति पर इस्तीफा देने का दबाव और बढ़ गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने देश के राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, नए राष्ट्रपति के चुनाव तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव करना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल की शेष अवधि पूरी करेंगे। मोहम्मद शहाबुद्दीन का कार्यकाल अप्रैल 2028 तक निर्धारित था।

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