आज जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की किसी भी तरह की कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को इन ज्वलनशील पदार्थों की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यह जानकारी आज कलेक्टर शिवम व. ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद दी।
कलेक्टर शिवम व. ने कार्यालय में गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे। किसी भी उपभोक्ता को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
कलेक्टर ने गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों को घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी देने और कालाबाजारी नहीं होने की सख्त चेतावनी दी। होटल या अन्य व्यवसायों को घरेलू सिलेंडर दिए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के लिए ऑयल कंपनियों द्वारा दी गई छूट के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहे। साथ ही शहर में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां होटल और रेस्टोरेंट को तुरंत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में बीपीसीएल, एचपीसीएल, आईओसी और अवन्तिका के सेल्स अधिकारी, गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा मांगलिया गैस प्लांट के अधिकारी उपस्थित थे।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम. एल. म. ने बताया कि ऑयल कंपनियों ने केवल इतना बदलाव किया है कि सिलेंडर की अगली बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीन दिन के भीतर घर पर ओटीपी के माध्यम से डिलीवरी दी जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित है। होटल, रेस्टोरेंट और केटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को फिलहाल डीजल भट्टी, इंडक्शन या इंफ्रारेड इलेक्ट्रिक कॉइल जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने निगरानी के लिए तीन जांच दल भी गठित किए हैं, जो सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी करेंगे, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

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