इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे युवक को हिरासत में लिया है जिसने एकतरफा आक्रोश में आकर मानवीय संवेदनाओं की सारी सीमाएं लांघ दीं।
पेशे से सिविल इंजीनियर और डाटा एनालिस्ट आयुष ए. ने शादी का रिश्ता टूटने के बाद युवती और उसके परिवार की छवि धूमिल करने के लिए गंभीर साजिश रची।
आरोपी ने सोशल मीडिया से फोटो निकालकर उन्हें एडिट किया और शहर के सार्वजनिक शौचालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आयुष ए. का रिश्ता एक युवती के साथ मैट्रिमोनियल साइट के माध्यम से तय हुआ था। बाद में कुंडली का मिलान न होने के कारण युवती के परिजनों ने इस रिश्ते को आगे बढ़ाने से मना कर दिया।
इस बात से आरोपी इतना बौखला गया कि उसे लगा युवती के परिवार ने जानबूझकर उसकी शादी रुकवाई है। इसी रंजिश में उसने पूरे परिवार को बदनाम करने का फैसला कर लिया।
आरोपी ने कबूल किया कि वह अपराध पर आधारित कई टीवी सीरियल देखता था। एक एपिसोड से प्रेरित होकर उसने युवती और उसके परिवार की महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया से एकत्र कीं।
इन तस्वीरों को आपत्तिजनक तरीके से एडिट कर उसने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाया। इतना ही नहीं, तस्वीरों के साथ बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक बातें भी लिखीं, जिससे युवती को मानसिक प्रताड़ना दी जा सके।
आरोपी की सनक यहीं नहीं रुकी। अपनी पहचान छुपाने के लिए वह अन्य शहरों में जाकर वहां से डाक के माध्यम से एडिट की गई तस्वीरें युवती के घर भेजता रहा।
जब परिवार को अनजान नंबरों से लगातार परेशान करने वाले फोन आने लगे और घर के आसपास भी ऐसी सामग्री मिलने लगी, तब परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामला क्राइम ब्रांच तक पहुंचा।
क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 25 दिनों की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद हुई है। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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