इंदौर के एक क्षेत्र में दूषित पानी से एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को परिजनों ने क्षेत्र के पुल के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
परिजनों का आरोप है कि बुजुर्ग की मौत को एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और उनके पास अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं हैं।
परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। इससे पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे। इसके बावजूद प्रशासन इस मौत को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार कर रहा है। परिवार ने यह भी बताया कि करीब दो महीने पहले बुजुर्ग की बहू की भी मौत हो चुकी थी, जिससे परिवार पहले से ही गहरे सदमे में है।
प्रशासन की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी है। हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
दरअसल, इस क्षेत्र में दूषित पानी से जुड़ी घटनाओं में अब तक मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच चुकी है। हालांकि मरीजों की संख्या में अब कमी आई है। इस मामले में अब तक 450 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती कराए जा चुके हैं। फिलहाल 10 मरीज ही भर्ती हैं।
इनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर है, जबकि दूसरा आईसीयू में भर्ती है। वार्ड में भर्ती 8 मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब डायरिया के मरीज भी गिने-चुने ही पहुंच रहे हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

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