भोपाल में फार्मेसी काउंसिल दफ्तर के परिसर में युवक के साथ मारपीट के मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने अध्यक्ष संजय, और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज की है। कार्रवाई युवक के साथ हुई मारपीट के वायरल वीडियो के आधार पर की गई है। वहीं युवक के खिलाफ भी काउंसिल कर्मचारी की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट का केस दर्ज हुआ है। फिलहाल दोनों ही पक्षों में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पीड़ित युवक ने जारी किया था वीडियो
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया था। इसमें रोते हुए उसने कहा—
“मेरा नाम तुषार है। काउंसिल के अध्यक्ष संजय, केके, गोपाल और अन्य अधिकारियों ने मुझे बहुत मारा। मुझे घसीटकर अंदर ले गए। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी मारा, जिससे ब्लीडिंग हो रही है।”
उसने मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। युवक का आरोप है कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मी सिर्फ़ खड़ा देखता रहा।
विवाद की वजह क्या थी
तुषार के मुताबिक वह एक महीने से सर्टिफिकेट पर डिजिटल साइन कराने के लिए चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता था। जब वह शिकायत करने रजिस्ट्रार मैडम के पास गया तो वे लंच पर चली गईं और लंबे समय तक नहीं लौटीं।
शुक्रवार को जब वह फिर काउंसिल पहुंचा और अधिकारी के केबिन में जाने लगा, तो गार्ड ने उसे रोक लिया। गार्ड ने उसका कॉलर पकड़कर धक्का दिया। तुषार ने खुद को छुड़ाया तो गार्ड पीछे गिर गया और चैनल से टकरा गया। इसके बाद पूरा स्टाफ बाहर आ गया और उन्होंने उसे घेर लिया तथा मारपीट शुरू कर दी।
वीडियो बनाने को लेकर बढ़ा विवाद
तुषार ने बताया कि लगातार चक्कर लगाने से वह परेशान था, इसलिए उसने अपनी और वहां मौजूद अन्य स्टूडेंट्स की परेशानी को वीडियो में रिकॉर्ड किया। जब अंदर मौजूद अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, तो वे नाराज़ होकर बाहर आए और उससे मारपीट की।
तुषार और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि काउंसिल अध्यक्ष संजय सहित केके, गोपाल और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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