अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आज पूरी तरह सम्पन्न माना गया। प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिनों बाद मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। सुबह अभिजीत मुहूर्त में बटन दबाते ही करीब 2 किलो वजनी केसरिया ध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर लहराने लगी। इस क्षण पर सभी उपस्थित जन भावुक हो उठे और उन्होंने ध्वजा को प्रणाम कर आशीर्वाद स्वरूप स्वीकार किया।
ध्वजारोहण से पहले वरिष्ठ आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के साथ मंदिर की पहली मंजिल पर बने रामदरबार में पूजा और आरती की गई। इसके बाद रामलला के दर्शन हुए। इस दौरान विशेष वस्त्र और चंवर भी अर्पित किए गए। कार्यक्रम से पहले साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक लगभग डेढ़ किलोमीटर का शोभायात्रा जैसा समारोह भी हुआ, जिसमें स्कूली छात्रों द्वारा पुष्पवर्षा की गई और शहरवासियों ने पारंपरिक तरीकों से स्वागत किया।
पहले यह चर्चा थी कि कुछ प्रमुख हस्तियों को समारोह में आमंत्रण भेजा गया है, लेकिन वे उपस्थित नहीं हो सकीं। देशभर के कई मठों और संत समाज के प्रतिनिधि कार्यक्रम का हिस्सा बने। शहर को लगभग 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई, जिसमें कई एजेंसियों की टीमें शामिल रहीं।
रामलला ने आज रेशम और सोने के धागों से बने पीतांबर वस्त्र धारण किए, जिससे वातावरण और भी दिव्य दिखाई दिया।

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