ग्वालियर में दहेज की कुप्रथा ने एक और महिला की जान ले ली। ससुराल पक्ष द्वारा भैंस की मांग पूरी न होने पर लगातार प्रताड़ित की जा रही एक नवविवाहिता ने आखिरकार तेजाब पीकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने पति, सास-ससुर, जेठ और जेठानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

बचपन से संघर्षों में बीती उसकी जिंदगी
पुलिस जांच के अनुसार, मृतका विमलेश (परिवर्तित नाम) जिले के एक ग्रामीण इलाके की रहने वाली थी। उसका जीवन शुरुआत से ही संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही माता-पिता का निधन हो गया था। बड़ी बहन और भाई ने उसे पाला-पोसा और पढ़ाया-लिखाया।

भैंस न लाने पर शुरू हुई प्रताड़ना
परिवार ने उसकी शादी पास के गांव के निवासी दिनेश (परिवर्तित नाम) से की थी। विवाह के कुछ महीनों बाद ही ससुराल वालों का रवैया बदल गया। पति, सास-ससुर और जेठ-जेठानी ने भैंस न लाने का ताना देना शुरू कर दिया और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। कई बार उसने अपने भाई को इसकी जानकारी दी, लेकिन कुछ दिनों की शांति के बाद फिर प्रताड़ना शुरू हो जाती थी।

तेजाब पीकर आत्महत्या, इलाज के दौरान मौत
घटना से एक दिन पहले घर में झगड़ा और मारपीट हुई थी। अगले दिन फिर अपमानित महसूस करने के बाद उसने घर में रखा तेजाब पी लिया। परिवार के लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह खबर सुनते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया।

ससुराल पक्ष पर एफआईआर दर्ज
भाई की शिकायत पर पुलिस ने पति और परिवार के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साबित हुआ है कि दहेज को लेकर मृतका को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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