उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के नरसेना थाना क्षेत्र के नित्यानंदपुर नंगली गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। मंगलवार शाम लापता हुए डेढ़ वर्षीय मासूम माधव का शव बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे की हत्या उसके ही पड़ोसी अंकुश ने की थी।

पुलिस के अनुसार, अंकुश ने मासूम का गला दबाकर हत्या की और फिर शव को अपने घर में रखे एक पुराने संदूक में रजाई के अंदर छिपा दिया। घटना के बाद किसी को शक न हो, इसलिए वह खुद मासूम की तलाश में परिवार के साथ शामिल रहा और हर जगह ढूंढने का दिखावा करता रहा।

गांव में इस वारदात से गहरा सदमा है। हर घर में मातम पसरा है, हर आंख नम है, और हर कोई यही पूछ रहा है — इतनी निर्दयता आखिर कैसे हो सकती है?

पीड़ित परिवार के अनुसार, माधव माता-पिता की आंखों का तारा था। जब वह आंगन में अपने नन्हे कदमों से खेलता था, तो घर में रौनक छा जाती थी। घटना के दिन वह अचानक गायब हो गया। पूरा परिवार और गांव के लोग उसकी तलाश में निकल पड़े, लेकिन किसी को नहीं पता था कि उनके बीच खड़ा एक शख्स ही इस दर्द का जिम्मेदार है।

जब पुलिस को अंकुश पर शक हुआ और उसके घर की तलाशी ली गई, तो एक कोने में रखे संदूक में रजाई के नीचे से मासूम का शव मिला। इस दृश्य को देखकर पुलिस और गांव दोनों स्तब्ध रह गए।

फिलहाल आरोपी अंकुश पुलिस हिरासत में है। पूछताछ के दौरान वह अपने बयान लगातार बदल रहा है, जिससे हत्या का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने बताया कि अंकुश का पारिवारिक जीवन भी जटिल है — उसके पिता दिव्यांग हैं और मां कई वर्ष पहले दूसरी शादी कर चुकी हैं। वह अपने पिता, बड़े भाई और बुजुर्ग दादी के साथ रहता था। पुलिस इन पारिवारिक परिस्थितियों को भी घटना की एक संभावित वजह के रूप में जांच रही है। 

जो कल तक हँसी से घर सजाया करता था,
आज वही घर उसकी यादों से भर गया है।
नन्हे कदमों की आहट को तरसे हैं सब,
खुदा भी आज चुपचाप रो पड़ा है कहीं...

Post a Comment

Previous Post Next Post