काल्पनिक दृश्य

आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित की जा रही थीं। उसी दौरान शोर मचा। नदी में एक-एक कर छह से सात युवक डूबने लगे। ये दृश्य देख गांव के अन्य युवक उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए। 13 युवक नदी के भवंर में इस कदर फंस गए, जिसमें से वो निकल ही नहीं पाए। शोर और चीखों के बीच बेवस लोग मौत का मंजर देखने के अलावा कुछ न कर सके। पुलिस जब तक पहुंची, बहुत देर हो चुकी थी। 

खेरागढ़  गांव कुसियापुर डूंगरवाला के रहने वाले प्रत्यक्षदर्शी आकाश ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे, तो तीन लोग डूब रहे थे। वे तत्काल ही रस्सा लेकर गए। उन्होंने रस्सा नदी में डाल दिया। उनमें से एक युवक को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन अन्य को नहीं बचा सके। उन्होंने बताया कि उटंगन में गड्ढा था, जिसका किसी को अंदाजा नहीं था। 

वहीं प्रत्यक्षदर्शी मुकेश ने बताया उनका छोटा भाई किशन सिंह और चाचा का बेटा भी उटंगन में डूब गया। इन सभी को गड्ढा नहीं दिखाई दिया। मूर्ति की विसर्जन हो चुका था, उसके बाद ये सभी लोग स्नान के लिए गए थे। डूबने वालों को बचाने के प्रयास में कुछ अन्य लोग भी नदी की कोख में समा गए। 

करण के छोटे भाई ने बताया कि वे सभी विसर्जन के लिए पुल पर पहुंचे थे। पुलिस वालों ने वहां नहाने नहीं दिया। इसके बाद वे सभी  लोग कुंड स्थल से 300 मीटर दूर दूसरे स्थान पर चले गए। यहां पर सभी लोग नहाने के लिए नदी में उतर गए। इसके बाद उसे बस बचाओ-बचाओ का शोर सुनाई दिया।  

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