भोपाल: पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच के चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर बिना बताए दबिश देने और गलत व्यवहार करने का आरोप है। पूरे मामले में एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीनियर्स को जानकारी देना जरूरी

क्राइम ब्रांच के शैलेन्द्र रावत, सतेन्द्र, सुशील सिंह और आलोक मिश्रा को सस्पेंड किया गया है। इन पर बागसेवनिया इलाके में बिना बताए दबिश देने का आरोप है। पुलिस के नियमों के अनुसार, किसी भी कार्रवाई से पहले बड़े अधिकारियों को बताना जरूरी है। लेकिन इन चारों ने ऐसा नहीं किया। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सवाल

दबिश के दौरान इन पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी ठीक नहीं था। सूत्रों के अनुसार, इन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा, 'पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे जरूरी है और इस तरह की मनमानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और ऐसी मनमानी को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।'

चारों पुलिसकर्मियों पर होगी विभागीय कार्रवाई

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि क्राइम ब्रांच संवेदनशील मामलों की जांच करती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगना पुलिस की छवि को खराब करता है। अब इन चारों पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच होगी। पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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