इंदौर: भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। आजाद नगर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राजपूत को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। यह दबंग पुलिसकर्मी हत्या के मामले में आरोपी पक्ष से मोटी रकम की डील कर रहा था। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने दो लाख रुपए की मांग की थी। सोमवार को पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए लेते ही वह लोकायुक्त के जाल में फंस गया।

सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक से रिश्वत की मांग

शिकायतकर्ता संतोष तोमर ने बताया कि उनके पिता रामचंद्र सिंह तोमर एक सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। कुछ महीने पहले उनकी एजेंसी के गार्डों ने मूसा खेड़ी पुल क्षेत्र में एक व्यक्ति को चोर समझकर पकड़ लिया था। मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में रामचंद्र सिंह तोमर और अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था। बाद में रामचंद्र को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी ।

दो लाख रुपए की मांग

जमानत के बाद सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने संतोष तोमर से कहा कि वह केस में मदद कर सकता है, लेकिन इसके लिए दो लाख रुपए की रिश्वत देना होगा। रकम को लेकर हुई बातचीत के बाद सौदा 1.50 लाख पर तय हुआ और पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए देना तय हुआ।

लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

योजना के मुताबिक, जैसे ही संतोष तोमर ने आरोपी को थाने के पास पीसीओ मार्केट के बाहर रिश्वत की रकम दी, लोकायुक्त की टीम ने घेराबंदी कर राजपूत को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की पूरी राशि जब्त कर ली और आरोपी पुलिसकर्मी को तत्काल हिरासत में ले लिया।


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