उत्तराखंड के चमोली में 17 सितंबर की देर रात दो जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही हुई है. ये आसमानी आफत देवभूमि में इस हफ्ते के अंदर हुई दूसरी घटना है. इस बार चमोली के नंदानगर में बादल फटने और भारी बारिश से नुकसान हुआ है. लोगों के घरों के अंदर मलबा और पानी भर गया है. वहीं, कुछ गांवों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया है. भारी मात्रा में मलबा आने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और इलाके में तबाही का मंजर है.नंदानगर घाट क्षेत्र के कुंतरी लंगाफली और धुर्मा गांव में बादल फटने के कारण कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गईं। उत्तराखंड के चमोली स्थित नंदानगर घाट क्षेत्र के तीन गांवों में देर रात बादल फटने और भारी बारिश से फ्लैश फ्लड ने भयंकर तबाही मचा दी. नंदानगर तहसील के अंतर्गत कुन्तरी लगाफाली, सरपाणी और धुर्मा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं,
जहां कई घर मलबे में दब गए और खेत-खलिहान तबाह हो गए हैं. वहीं, हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर मेडिकल टीम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। जांच में मवेशियों के नुकसान की भी बात सामने आई है. इस प्राकृतिक आपदा में कुल 12 लोगों के लापता होने की सूचना है. स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं. बताया जा रहा है कि इस प्राकृतिक आपदा में 32 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भी गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो गई है. पुलिस और रेस्क्यू टीम ने 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.
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