भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। शहर में नए साल में 100 से अधिक ई बसों का संचालन किया जाएगा। पुरानी बसों के कम संचालन के चलते इनको जल्दी चलाने का दबाव है। इन बसों के संचालन से आरामदायक सफर के साथ धुएं से भी आजादी मिलेगी।

भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों पब्लिक ट्रांसपोर्ट बुरे हाल में है। यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाने वाली बसें सड़कों पर कम दिखाई दे रही है। पिछले एक साल में करीब 250 सिटी बसों का संचालन ठप पड़ गया है। लेकिन अब भोपालियों को जल्द ही नया सार्वजनिक परिवहन मिलने जा रहा है। यह जितना सुगम होगा, उससे कहीं अधिक ईको फ्रेंडली भी होगा। शहर में ई-बसें दौड़ते हुए दिखाई देने वाली हैं। इसे पीएम ई-बस सेवा नाम दिया जाएगा।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से शहरों से सिटी बसें गायब जैसे हो गई हैं। बहुत कम रूट में ही यह बसें दिख रही हैं। पिछले एक साल में ढाई सौ से ज्यादा सिटी बसें बंद हो गईं है। पहले 22 रूट में चलने वाली बसें अब 8 से 10 से ज्यादा रूटों पर दिखती हैं। ऐसे में अब ई-बसों को शहर में जल्द से जल्द उतारने का प्लान बन चुका है।

सड़कों पर दौड़ेगी ई बसें

नगर निगम के अफसरों के अनुसार नए साल में शहर में करीब 100 ई-बसें एक साथ सड़कों पर दौड़ने लगेंगी। इससे जहां लोगों को सुकूनदायक सफर मिलेगा, वहीं पर्यावरण की रक्षा भी होगी। बताया जाता है कि पीएम ई-बस सेवा के पहले चरण में राजधानी को 100 बसें मिलेंगी। इन बसों के लिए दो नए डिपो संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) और कस्तूरबा नगर में बनाए जा रहे हैं। नगर निगम ने नए बस ऑपरेटर का चयन भी कर लिया है। दूसरे चरण में 95 बसें आएंगी। इनके लिए आरिफ नगर और कोलार रोड पर नए डिपो बनाए जाने हैं और इसके ऑपरेटर के चयन समेत अन्य प्रक्रिया बाकी है।

गौरतलब है कि जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने सिटी बसों के मुद्दे पर हैरानी जताई थी। उन्हें बताया गया था कि 368 में से सिर्फ 95 सिटी बसें ही चल रही हैं। सांसद शर्मा ने निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण से पूछा था कि किस ऑपरेटर की कितनी बसें चल रही हैं, ये बताएं? इतनी संख्या में बसें क्यों बंद हुईं? जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को तो बढ़ाना चाहिए।

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