भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता बरकरार है। अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी है। इंदौर में दोपहर बाद पश्चिमी इलाके में तेज बारिश हुई। रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी में तेज बारिश हुई। दमोह, अशोकनगर भी भीगे। अशोकनगर में सड़कें तालाब बन गईं, वहां सड़कों पर नाव चल गई। भोपाल में दिन में सुबह के समय थोड़ी बारिश हुई है। अगले 24 घंटों के लिए पांच जिलों में अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। संभावना जताई गई है कि इन इलाकों में कहीं-कहीं आठ इंच तक पानी गिर सकता है।
मौसम केंद्र
की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर,
चंबल, सागर एवं रीवा संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर
एवं शहडोल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा हुई है। बड़ामल्हरा में 130, चाचौड़ा
में 120, देपालपुर में 100, अमानगंज और मो बड़ोदिया में 90, शिवपुरी, रतलाम, बदनावर,
पानसेमल, ग्वालियर में 80, टोंकखुर्द, मेघनगर, धीमरखेड़ा में 70, कोतमा, मनावर, खाचरौद,
बमोरी में 60 मिलीमीटर तक बारिश हुई है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि नर्मदापुरम, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, चंबल एवं सागर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के जिलों में अनेक स्थान पर वर्षा होगी। मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट बता रहा है कि श्योपुरकलां, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी एवं रतलाम जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की संभावना है। आठ इंच तक यहां बारिश हो सकती है। वहीं यलो अलर्ट के अनुसार धार, खरगोन, दतिया, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, विदिशा, शिवपुरी, निवाड़ी, अशोकनगर, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, मंदसौर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो
अलग-अलग स्थानों पर बने पांच वेदर सिस्टम के असर से प्रदेश में वर्षा का सिलसिला जारी
है। उत्तरी मप्र पर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है। वर्तमान में वह हवा के
ऊपरी चक्रवात के रूप में परिवर्तित होकर उत्तर प्रदेश में मध्य में सक्रिय हो गया है।
उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर नगालैंड तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो उत्तर प्रदेश
पर बने चक्रवात से होकर जा रही है। एक अन्य ट्रफ लाइन अरब सागर से उत्तर-पश्चिमी मप्र
से होकर उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवात तक बनी हुई है। गुजरात कोस्ट में हवा के ऊपरी
भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र कोस्ट से लेकर केरल कोस्ट
तक एक अपतटीय ट्रफ लाइन बनी हुई है।
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