समाज को गढ़ने वाली बिगाड़ रही समाज

जवाबदेही @ इंदौर

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं पर दर्ज केसेस का स्पेसिफिक आंकड़ा नहीं है। कुछ जानकार ये भी तर्क देते हैं कि महिलाएं अपराधों में इसलिए आगे बढ़ीं क्योंकि उनके प्रति अपराध बढ़े हैं। यही कारण है कि ज्यादातर महिलाओं की गिरफ्तारी घरेलू हिंसा में हुई। एक कारण लक्जरी लाइफ स्टाइल की चाहत भी सामने आया है।

बीते कुछ वर्षों में महिलाओं के खिलाफ दहेज प्रताडऩा, धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हुए हैं। इनकी लिप्तता शराब तस्करी, देह व्यापार, ड्रग्स तस्करी से लेकर हत्या तक के मामलों में रही है। महिलाओं के खिलाफ जिलाबदर तक की कार्रवाई हो चुकी है। महिलाओं पर दर्ज अपराधों का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में इंदौर सेंट्रल जेल में करीब 100 महिलाएं बंद हैं। इनमें 25 महिलाओं पर हत्या के मामले दर्ज हैं। कई जमानत पर बाहर हैं तो कुछ बरी हो गई हैं।

आत्महत्या के लिए उकसाने के 50 से ज्यादा केस: बहू को दहेज प्रताडऩा व आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में हर साल 50 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं। वहीं शहर में महिलाओं द्वारा की गई हत्याओं के मामले में आधे निम्न वर्ग के रहे हैं। जिसमें प्रेमी या पति द्वारा प्रताडि़त करने के मामले हैं। आपसी लेन-देन, पुरानी रंजिश लेकर की गई हत्याएं कम हैं।

तिहरे हत्याकांड के 7 मामले, जिनमें महिलाएं लिप्त : जिन महिलाओं ने पति या प्रेमी को मौत के घाट उतारा वे अपराधिक प्रवृत्ति के थे। तात्कालिक विवाद में भी पति की हत्याओं के मामले सामने आए हैं। इंदौर सहित प्रदेश में तिहरे हत्याकांड के करीब 7 मामले ऐसे हैं जिसमें महिलाएं लिप्त रही। इनमें शहर का चर्चित तिहरा हत्याकांड भी शामिल हैं। 19 जून 2011 को श्रीनगर एक्सटेंशन निवासी अशलेषा देशपांडे, उनकी मां मेघा और नानी रोहिणी की आरोपी नेहा, उसके साथी राहुल व मनोज ने लूट के दौरान चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। मास्टर माइंड नेहा थी जिसने साथियों के साथ अंजाम दिया। निचली अदालत ने तीनों को फांसी की सजा सुनाई। इसमें अपील के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में है। वहीं  बीते वर्ष 2021 में देह व्यापार में 50 से ज्यादा महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसमें स्पा सेंटर से जुड़े मामले भी हैं।

ये हैं जघन्य चौंकाने वाले केस

वर्ष 2006 में पहले पति की प्रताडऩा से तंग आकर गोविंद नगर की रूपा ने अपने पति मनोहरसिंह राठौर की चाकू से घोंपकर हत्या कर दी। इसमें उसे आजीवन कारावास की सजा हुई। कुछ समय पहले ही उसकी सजा पूरी हुई है।

वर्ष 2007 में महू निवासी शहनवाज बी पति नदीम ने अपने दोनों बच्चियों बुशरा (5) व आशिया (3) की अपने घर में ही गला घोंटकर हत्या कर दी। उस दौरान वह गर्भवती थी। जेल में भी वह दोहराती रही कि मुझे बच्चा नहीं चाहिए। बच्ची के जन्म होने के बाद उसने उसे भी मारने की कोशिश की। इस पर कोर्ट ने नवजात को उसके पति को सौंपने का आदेश दिया। कुछ समय बाद शाहनवाज ने जेल में ही फांसी लगाकर जान दे दी।

करीब आठ साल पहले मुखर्जी नगर में रहने वाली मीनाक्षी ने पति दिनेशसिंह सूर्यवंशी की पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी। उसका कहना था कि वह उसे बहुत प्रताडि़त करता था।

इसी तरह के एक मामले में भागीरथरपुरा निवासी प्रीति ने पति गिरधारीलाल प्रजापति की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। तीन दिन पहले ही वह जेल से छूटकर आया था तथा पत्नी से इस बात पर विवाद किया था कि मेरी जमानत क्यों नहीं कराई। उसने चाकू से पत्नी पर हमले की कोशिश की तो पत्नी उसका काम तमाम कर दिया।

ऐसे महिलाएं बढ़ रहीं अपराध में

बाणगंगा थाना क्षेत्र के उमरीखेड़ा में पिछले दिनों 40 वर्षीय सुनीता ने अपने दोस्त रिजवान के साथ मिलकर पति बबलू की हत्या कर दी। फिर हाथ, पैर, गर्दन अलग-अलग कर अन्य जगहों पर फेंका जबकि धड़ को घर के बाथरूम में ही गाड़ दिया।

करीब दो साल पहले रुक्मणि नगर में एसएएफ में पदस्थ ज्योतिप्रसाद शर्मा व उनकी पत्नी नीलम की उनकी ही नाबालिग बेटी ने प्रेमी धनंजय के साथ चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।

बीते वर्ष पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। इसकी मास्टर माइंड ड्रग वाली आंटी उर्फ प्रीति को गिरफ्तार किया। उसके सपना, प्रेरणा, काजल सहित कई नाम हैं।  

बीते वर्ष ही किन्नर जोया ने अपने साथी अल्लू व अन्य के साथ मिलाकर रियल इस्टेट कंपनी के देवांशु की लूट के दौरान चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। जोया ने बाद में अपने जेंडर बदल लिया था तथा लडक़ों के साथ मिलकर गिरोह संचालित करती थी।

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