मणिपुर में जारी कुकी-मैतेई जातीय संघर्ष के बीच सोमवार को एक बार फिर तनाव बढ़ गया। इम्फाल में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के मुख्य द्वार पर एक व्यक्ति का शव रखकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दो मैतेई युवकों की कथित हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और राज्य में हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर अचानक हुए प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इम्फाल पश्चिम जिले में तनाव को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बल (QRT) और राज्य पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गईं। आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
इस बीच, इम्फाल पूर्वी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब सात बजे दस से अधिक लोग नोंगशुम के पास की पहाड़ियों में जलावन के लिए लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर घात लगाकर उन पर हमला किया गया।
गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घायलों में से एक को इम्फाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति ने बताया कि जब वे लकड़ियां इकट्ठा कर उन्हें लाद रहे थे, तभी अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद करीब तीन लोगों का पता नहीं चल पाया था। शवों को घटनास्थल से निकालने के प्रयास भी किए जा रहे थे।
मणिपुर में तीन साल से अधिक समय से जारी कुकी-मैतेई जातीय संघर्ष को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा जारी है। यह मुद्दा संसद से लेकर दिल्ली की सड़कों तक उठाया जा रहा है। सोमवार की गोलीबारी और मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन ने राज्य में सुरक्षा और शांति बहाली को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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