इंदौर की मॉडल विलेज कॉलोनी की एक महिला कारोबारी ने लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध वसूली, मारपीट और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी दुकान के नाम पर छह लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया और बिना अनुमति उसके बैंक खाते से डेढ़ लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा लोन दिलाने के बदले उससे एक लाख नब्बे हजार रुपये कमीशन के रूप में लिए गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उसे लगातार परेशान किया जा रहा है और दुकान की तस्वीरों के साथ भ्रामक स्टेटस सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। मामले में द्वारकापुरी पुलिस ने कुंदन राजोरिया और उसकी सहयोगी राखी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता शहर में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती है। कारोबार बढ़ाने के लिए उसे लोन की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुंदन और राखी से हुई, जिन्होंने खुद को बैंक से लोन दिलाने वाले एजेंट बताया। उनके माध्यम से नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक की पालदा, नेमावर रोड शाखा से दुकान के नाम पर छह लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया।
महिला के मुताबिक, चौदह जुलाई को बैंक से दो लाख रुपये निकालने और पासबुक में एंट्री कराने पर उसे पता चला कि नौ जुलाई को उसके खाते से बिना अनुमति डेढ़ लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे। बैंक से संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर वह दुकान लौट आई।
आरोप है कि इसके बाद कुंदन दुकान पर पहुंचा और लोन दिलाने के बदले एक लाख नब्बे हजार रुपये की मांग की। महिला ने मजबूरी में उसे नकद रकम दे दी। खाते से पैसे ट्रांसफर होने पर सवाल उठाने पर आरोपी ने उसे आगे बैंक नहीं जाने की हिदायत दी।
पीड़िता ने बताया कि तेईस जुलाई को दोबारा बैंक पहुंचने पर मैनेजर ने उसे जानकारी दी कि डेढ़ लाख रुपये बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। महिला का आरोप है कि लोन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों पर उसकी जानकारी और अनुमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
इसके बाद उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और स्थानीय थाने में लिखित शिकायत की। शिकायत के अनुसार, सत्ताईस अगस्त को चौधरी नाम की महिला के खाते से डेढ़ लाख रुपये वापस पीड़िता के खाते में ट्रांसफर किए गए।
महिला ने पुलिस को बताया कि पच्चीस अगस्त को कुंदन उसके घर पहुंचा था। इस दौरान उसके भाई ने घटना का वीडियो बनाने के लिए मोबाइल से रिकॉर्डिंग शुरू की, तो आरोपी ने फोन बंद करवा दिया। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने भाई-बहन के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को सूचना देने की बात कहने पर आरोपी वहां से चला गया।
पीड़िता का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि आरोपी उसकी दुकान और आसपास खड़ी मोटरसाइकिल की तस्वीरें खींचता है। इन तस्वीरों के साथ कथित तौर पर भ्रामक और आपत्तिजनक स्टेटस सोशल मीडिया तथा वॉट्सऐप पर साझा किए जा रहे हैं। महिला के अनुसार, ये तस्वीरें उसके रिश्तेदारों और परिचितों को भी दिखाई जा रही हैं, जिससे उसकी सामाजिक छवि खराब हो।
महिला ने रविवार को इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुकान की तस्वीरों के जरिए बदनाम करने और लगातार प्रताड़ित करने के आरोपों पर दूसरी एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

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