इंदौर में जलसंकट की समस्या को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के सांसद और पांच विधायक शामिल नहीं हुए। जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को आपसी राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में शामिल नहीं होने वाली विधायक मालिनी गौड़ ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार कहने के बाद भी छोटे-छोटे काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बैठक में शामिल होने का क्या मतलब है?
मालिनी गौड़ के मुताबिक, उनके विधानसभा क्षेत्र के गोंदवले धाम इलाके में पानी की टंकी बनकर तैयार है, लेकिन अब तक उसमें बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। इसके चलते स्थानीय लोग टंकी से पानी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त शिवम वर्मा से भी इस संबंध में बात की गई थी। टंकी का निर्माण उनके महापौर कार्यकाल के दौरान हुआ था।
जलसंकट पर आयोजित बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया और रमेश मेंदोला मौजूद रहे। वहीं, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, मनोज पटेल, तुलसी सिलावट और उषा ठाकुर के अलावा सांसद शंकर लालवानी बैठक में नहीं पहुंचे।
बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस बारे में उन्हीं लोगों से पूछा जाना चाहिए, जो बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि संभव है कि उनके क्षेत्रों में जलसंकट नहीं हो, इसलिए वे बैठक में नहीं आए।

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