मध्य प्रदेश में करीब दो दशक बाद यात्री परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। सरकार नई बसें शुरू करने के साथ आंध्र प्रदेश के टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल को प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में शुक्रवार से शुरू हुए दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में नई व्यवस्था की जानकारी दी। इसके तहत बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए सीट बेल्ट की व्यवस्था होगी। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बसों के रूट और संचालन से जुड़ा डेटा जुटाया और मॉनिटर किया जाएगा।
समिट के दौरान बस निर्माताओं, IT कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और परिवहन उद्योग से जुड़े संगठनों के एक्सपो में नई बस सेवा के संभावित मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। प्रस्तावित व्यवस्था में बिजली और CNG से चलने वाली बसों को शामिल किया जाएगा। बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए कनेक्टेड कैब की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे वे आगे अपने घर तक पहुंच सकेंगे।
IT क्षेत्र से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि आंध्र प्रदेश में इसी तरह की तकनीक आधारित व्यवस्था पर काम किया जा चुका है। मध्य प्रदेश में भी तकनीक का इस्तेमाल केवल टिकटिंग तक सीमित नहीं रहेगा। बस नेटवर्क के संचालन, निगरानी और प्रबंधन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है।
सरकार के सेवा संकल्प माह के तहत 25 सितंबर से प्रदेश में यात्री परिवहन सेवाओं के नए स्वरूप को लागू करने की तैयारी है। डिजिटल सिस्टम के जरिए बसों के रूट पर नजर रखी जा सकेगी। निर्धारित मार्ग से बस के हटने पर इसकी जानकारी सिस्टम में मिल सकेगी। इसके अलावा बसों की देरी, अनावश्यक ठहराव और संचालन से जुड़े अन्य आंकड़ों को भी ट्रैक किया जाएगा।
नई व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बसों में सीट बेल्ट के साथ फायर अलार्म, पैनिक बटन और CCTV कैमरे जैसी सुविधाएं देने की योजना है। इससे बस के अंदर की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी और आपात स्थिति में यात्रियों को मदद मांगने का विकल्प मिलेगा।
इस परिवहन मॉडल में PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की भी अहम भूमिका होगी। निजी बस ऑपरेटरों को नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। अलग-अलग ऑपरेटरों की बसों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, जहां टिकटिंग, रूट, टाइमिंग और बसों की उपलब्धता जैसी जानकारी एकीकृत सिस्टम के जरिए उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।

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