मध्य प्रदेश के करीब 165 शहरों और कस्बों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के सभी 40 जिलों में कहीं न कहीं बारिश हुई। इनमें पश्चिमी हिस्से के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 126 शहर और कस्बे शामिल हैं। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में सबसे ज्यादा 6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

मंदसौर में अति भारी बारिश हुई, जबकि आगर-मालवा में भारी बारिश दर्ज की गई। आगर-मालवा के सोयतकलां में 3 इंच, मंदसौर के सुवासरा में सवा दो इंच और आगर-मालवा के बड़ौद में डेढ़ इंच बारिश हुई।

इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, रीवा और श्योपुर में भी बारिश दर्ज हुई।

मानसूनी सीजन खत्म होने में अब करीब 15 दिन बाकी हैं। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश की तुलना में 88% पानी ही गिरा है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है।

वहीं, भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में बारिश सामान्य कोटे तक पहुंच चुकी है। आलीराजपुर में अब तक सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी नहीं हुई है, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।

मौसम का सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

इससे पहले प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में पिछले चार दिनों से बारिश का दौर जारी था। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में इस दौरान भारी बारिश दर्ज की गई।

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