गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जमीन से जुड़े एक मामले में महिला की शिकायत पर उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ दबंग उसे रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं और शिकायत करने पर भी रास्ता नहीं देने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को महिला की समस्या का तत्काल समाधान कर उसे रास्ता दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि लेखपाल, कानूनगो या तहसीलदार रास्ता दिलाने में खुद को असमर्थ मानते हैं तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कामकाज में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंगलवार सुबह जनता दर्शन के दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित मामलों का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार जरूरतमंदों के साथ है और उनकी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
जनता दर्शन में कुछ अन्य लोगों ने भी जमीन से संबंधित मामलों में राजस्व कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उपचार में हरसंभव सहायता करेगी। उन्होंने अधिकारियों को पात्र जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद यदि किसी जरूरतमंद को उपचार के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो, तो विवेकाधीन कोष से मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

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