उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में विधानसभा और विधान परिषद के दोनों सदनों को आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माना जा रहा है कि इस बार का सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम और हंगामेदार रह सकता है।
हाल के दिनों में सामने आए राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी, बिजली व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की कोशिश की जा सकती है। विशेष रूप से राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से इस प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई का विवरण भी सदन में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। ऐसे में पूरे मॉनसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर जोरदार चर्चा और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने जानकारी दी कि मॉनसून सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके साथ ही सत्रावसान के बाद जारी किए गए अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने सहित अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी पूरे किए जाएंगे।
इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानमंडल का दूसरा सत्र 30 अप्रैल 2026 को बुलाया गया था। उसी दिन विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। बाद में 7 मई 2026 से सत्रावसान घोषित किया गया।
संविधान के अनुच्छेद 174 और उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के अनुसार विधानमंडल के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। इसी संवैधानिक प्रावधान का पालन करते हुए आगामी मॉनसून सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लखनऊ स्थित लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन के समक्ष रखी जाएंगी। इसके अलावा शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों को लागू करने के लिए जारी अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी पेश कर पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही अन्य आवश्यक विधायी और शासकीय कार्य भी इस सत्र में संपन्न कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के अनुसार सत्र की निर्धारित तिथि की सूचना सामान्यतः विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों को सात दिन पहले उपलब्ध कराई जाती है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तीसरा सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जिसमें अनुपूरक अनुदानों की मांगों, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा।

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