जम्मू-कश्मीर की पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग का आकार लगातार छोटा हो रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, हिम शिवलिंग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पिघल चुका है और इसकी ऊंचाई अब करीब एक फीट रह गई है। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह अटूट बनी हुई है और बड़ी संख्या में भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के पहले तीन दिनों में ही करीब 56 हजार श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है। श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा कर पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और तापमान बढ़ने के कारण प्राकृतिक हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटता है। यह एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है और हर वर्ष मौसम की परिस्थितियों के अनुसार शिवलिंग के आकार में परिवर्तन देखने को मिलता है।
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन दल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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