दुनिया भर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। हंता वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 12 देशों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यह खतरा क्रूज शिप एमवी होंडियस से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे फिलहाल कोई भी देश अपने बंदरगाह पर जगह देने को तैयार नहीं है। संक्रमण के मामले सामने आने से पहले ही इस जहाज से कुछ यात्री उतरकर अपने-अपने देशों में लौट चुके थे, जिससे वायरस फैलने की आशंका बढ़ गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को पुष्टि की कि क्रूज शिप पर हंता वायरस के पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। अब तक गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी के कुल आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में पांच संक्रमितों में एंडीज वायरस संक्रमण पाए जाने की जानकारी दी गई है। जिन 12 देशों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है, उनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड्स, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, तुर्किये और सेंट किट्स एंड नेविस शामिल हैं। बताया गया है कि इन देशों के नागरिक दक्षिण अटलांटिक महासागर स्थित सेंट हेलेना में जहाज से पहले उतर चुके थे।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ने जिनेवा में कहा कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदम तेजी से उठाए गए, तो संक्रमण को सीमित रखा जा सकता है। हालांकि यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच अभी जारी है, जिससे मामलों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से पांच देशों को 2,500 टेस्ट किट भेजी जा रही हैं ताकि समय रहते संक्रमण की पहचान हो सके।
फिलहाल जहाज पर 23 देशों के 149 लोग मौजूद हैं। स्थिति को देखते हुए अभी तक किसी देश ने जहाज को अपने बंदरगाह पर रुकने की अनुमति नहीं दी है। इस बीच, स्पेन ने मानवीय आधार और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए जहाज को कैनरी आइलैंड्स में प्रवेश देने की बात कही है। वहीं, यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल जहाज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि संक्रमित और स्वस्थ यात्रियों को सुरक्षित तरीके से अलग किया जा सके। अगले तीन से चार दिनों में जहाज के कैनरी आइलैंड्स पहुंचने की संभावना जताई गई है, जहां राहत और बचाव कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।

Post a Comment