ईरान के राष्ट्रपति मसूद ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली के साथ फोन पर बातचीत में स्पष्ट किया कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। राष्ट्रपति ने अमेरिका की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर वह देश पर दबाव बना रहा है और दूसरी ओर चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आकर उसकी एकतरफा मांगों को स्वीकार कर ले, जो संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध और असुरक्षा को उचित विकल्प नहीं मानता, लेकिन उसे परमाणु तकनीक से वंचित भी नहीं किया जा सकता। उनका आरोप था कि अमेरिका ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे ईरान को परमाणु उद्योग रखने का अधिकार ही नहीं है और वह अत्यधिक मांगों के जरिए अतिरिक्त दबाव बना रहा है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछली वार्ताओं में ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक निगरानी के तहत अपनी परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहा है।
दूसरी ओर, इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली ने ईरान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने और भविष्य में आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर सहमति जताई।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है। विभिन्न हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के चलते क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

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