एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया के सबसे बड़े रॉकेट स्टारशिप के तीसरे वर्जन (वी-3) का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण को अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी सराहा और इसे चंद्र मिशन और मंगल अभियानों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हालांकि, परीक्षण के दौरान रॉकेट को समुद्र में उतारते समय वह विस्फोट के साथ नष्ट हो गया, लेकिन इसके बावजूद फ्लाइट-12 टेस्ट को अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक अहम सफलता माना जा रहा है। नासा के वरिष्ठ अधिकारी जैरेड आइ. ने इस लॉन्च की तस्वीरें साझा करते हुए इसे अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए मील का पत्थर बताया।
स्टारशिप वी-3 में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिनमें अधिक पेलोड क्षमता, बेहतर पुन: उपयोग प्रणाली और विश्वसनीयता में सुधार शामिल है। यह तकनीक नासा के आर्टेमिस चंद्र मिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाने की योजना है।
अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, इस परीक्षण में हॉट स्टेजिंग, बूस्टर प्रदर्शन और ऑर्बिटल ऑपरेशन जैसे कई जटिल लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। हालांकि पूरी तरह मानव मिशन के लिए तैयार होना अभी बाकी है, लेकिन हर परीक्षण के साथ यह प्रणाली वास्तविक उपयोग के और करीब पहुंच रही है।
नासा का कहना है कि स्टारशिप भविष्य में केवल चंद्र मिशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सफल होने पर यह मंगल ग्रह पर मानव मिशन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

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